क्या भूत प्रेत सच मे होते है? | भूत प्रेत कितने प्रकार के होते है

क्या भूत प्रेत सच मे होते है?|भूत प्रेत कितने प्रकार के होते है    

Kya bhoot sach mein Hote Hain


मनुष्य भूत कैसे बनता हैं ? 


भूत का मतलब होता है की प्रेत आत्मा ! जब कोई मनुष्य की मौत आत्महत्या,दुर्घटना, इतियादी तरह से होता है और कोई मनुष्य अपने मन में किसी अधूरी ईक्षा ले के मरता है तब उसकी आत्मा भटकने लगती है उसे ही हम भूत,प्रेत,पिशाच, ब्रमराकसच इतियादी के नाम से जानते है ! और उनकी तरह तरह  मौत होने के कारण उनकी अलग अलग नाम से जाना जाता है . 

भूत प्रेत कितने प्रकार के होते है भूत प्रेत कितने प्रकार के होते है? 

हिन्दू धर्म में गति कर्म के अनुसार मारने वाले मनुष्य का विभाजन किया गया है! आयुरवेद के अनुसार भूत,प्रेत 18 प्रकार के होते है  भूत,प्रेत,ब्रमराक्सच, बैताल,विशाच,कुष्मांडा और क्षेत्रपाल इत्यदि।

मुख्यतः आत्मा 3 प्रकार के होते है .

(1) जीव आत्मा  =  जो भौतिक सरीर में वास् करते है उन्हें जीव आत्मा कहते है !

(2) प्रेत आत्मा = जब इस जीव आत्मा का वासना और कामनामय सरीर में निवास होता है टैब उसे प्रेत बॉटम कहते है  

(3) शुष्म आत्मा  = जब ये आत्मा शुसमतः सरीर में परवेस करती है टैब उन्हे शुष्म आत्मा कहते है! 


शुष्म आत्मा का मतलब होता है  = मतलब हमारे मारने के बाद हमारा आत्मा जब छोटे छोटे जीव,जन्तुओ ,कीड़े,मकौड़े इतियादी के सरीर में जाते है टैब उन्हें शुष्म आत्मा कहते है 

उन आत्मा को सन्ति कैसे मिलता है ?

उन आत्मा को सन्ति या मुक्ति दिलाने के लिए हमे विधि विधान से पूजा पथ करके और सराध,पिंड दान,तरपड, इतियादी कर के उन भटकती आत्माओ को मुक्ति दिलाया जाता है 


तब जा के  उन आत्मा को सन्ति मिलती है

 अगर हम चाहे तो आत्मा से हम बात कर सकते है और हमे बात करने के लिए साधना और तपस्या की जरुरत होगी उनसे कोइ आम आदमी बात ही नही कर सकता है उसके लिए हमे किसी तांत्रिक या पुजारी की जरूरत पड़ेगी तभी हम उनसे बात कर पायेंगे और एक बात हम


मोक्ष प्राप्त की हुई आत्मव से हम बात नही कर सकते है.

मोक्ष प्राप्त की हुई आत्मा किसे कहते है?

मोक्ष प्राप्त की हुई वो होते है और मोक्ष का मतलब ही होता है जीवन मारण के चक्र से मुक्ति पाना वो आत्मा जीवन मारण के चक्र स्व आजाद हो जाते है उन्हे हैम मोक्ष प्राप्त की हुई आत्मा कहते है.


 


How do humans become ghosts ?

Ghost means the ghost spirit! When a man dies in a suicide, accident, itiad manner and when a person dies with an incomplete desire in his mind, then his soul starts to wander. And due to their kind of death, they are known by different names.

What are the different types of ghosts?

In Hinduism, a person who is killed according to speed karma has been divided! According to the Ayur Veda, there are 18 types of Bhoota, Phantom, Bhoota, Phantom, Bramraxach, Baital, Vishach, Kushmanda and Kshetrapala etc.

Mainly there are 3 types of soul.


(1) Jeeva Atma = Those who live in physical form are called Jeeva Atma.

(2) Phantom soul = When this living soul is inhabited by lust and sexual desire, tab is called phantom bottom.

 (3) Shushma Atma = When this soul Shusamat parvees in the body, the tab is called Shushma Atma. Shushma soul means = When we kill our soul, when small creatures, animals, insects, moths go to the body of itiadi, tab is called Shushma soul.


How do those souls get peace.

To save those souls or salvation, we are saved by wandering by worshiping them by law and by sacrificing, doing charity, rituals, etc. It is liberated to those souls. We can talk and we will need cultivation and penance to talk, no ordinary person can talk to them, for that we need a tantric or priest only then we will be able to talk to them and one thing we have attained salvation We can not talk to the self-realized soul.

What is the soul who has attained salvation?

They are attained Moksha and Moksha means to get liberated from the cycle of life and life, those souls are freed from the cycle of life and life, they are called souls who have attained salvation.






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